Mahakumbh : क्यों महत्वपूर्ण है संगम नोज, जहां अचानक मची भगदड़, आधी रात को क्या हुआ था?

Mahakumbh।नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में Mahakumbh मेला क्षेत्र में बुधवार को मची भगदड़ ने प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस भगदड़ में कई लोग घायल हुए हैं। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि महाकुंभ मेला क्षेत्र में भगदड़ कैसे मची और आधी रात को क्या हुआ था। 

दरअसल, मौनी अमावस्या पर स्नान का बहुत बड़ा महत्व है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, इस दिन मौन होकर स्नान और दान करने मात्र से पुण्य की प्राप्ति होती है।

योगी सरकार का अनुमान था कि Mahakumbh में मौनी अमावस्या पर दूसरे अमृत स्नान पर लगभग 10 करोड़ से अधिक श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचकर स्नान करेंगे। इसी के चलते श्रद्धालु लगातार महाकुंभ में स्नान के लिए पहुंच रहे थे।

बताया जा रहा है कि Mahakumbh मेला क्षेत्र में भगदड़ संगम नोज पर मची थी। ये वही जगह है, जहां श्रद्धालु स्नान के लिए पहुंच रहे थे।

संगम नोज की महत्ता का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि यहां यमुना और अदृश्य सरस्वती का गंगा से मिलन होता है। इस जगह को स्नान के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया है। इसी कारण साधु-संत यहां स्नान करते हैं और श्रद्धालुओं में भी संगम नोज पर स्नान को अहम माना जाता है।

संगम नोज के महत्व को देखते हुए प्रशासन ने इस बार Mahakumbh में इसके क्षेत्रफल को भी बढ़ा दिया था। हालांकि, मंगलवार देर रात लगभग 2 बजे के आसपास अचानक भगदड़ मच गई।

पता चला है कि संगम नोज के पास कुछ लोग बैठे हुए थे, तभी अचानक भगदड़ के हालात बन गए। लोगों की भीड़ इतनी अधिक थी कि बैरिकेड्स टूट गए और लोगों के कुचलने से कई महिलाएं बेहोश हो गईं और जैसे ही वे जमीन पर गिरीं, भगदड़ मच गई।

CG NEWS:डा.पालेश्वर प्रसाद शर्मा की रचनाओं को पढ़कर छत्तीसगढ़ को जान सकते हैं - आचार्या डा.पुष्पा दीक्षित

घायलों को तुरंत ही महाकुंभ मेला क्षेत्र के पास के अस्पताल में भेजा गया, जबकि कुछ गंभीर रूप से घायल महिलाओं को इलाज के लिए बेली अस्पताल और स्वरूप रानी मेडिकल कॉलेज भेजा गया।

वहीं, मामले की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की।

उन्होंने कहा, “संगम नोज, नाग वासुकी मार्ग और संगम मार्ग पर काफी भीड़ है। मेरी श्रद्धालुओं से अपील है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। पूरे कुंभ क्षेत्र में घाट बनाए गए हैं, श्रद्धालुओं को सिर्फ संगम नोज की ओर जाने की जरूरत नहीं है।

श्रद्धालुओं को अपने नजदीकी घाटों पर पवित्र स्नान करना चाहिए। हम घायल व्यक्तियों का उचित उपचार सुनिश्चित कर रहे हैं।” 

Shri Mi

पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ राजनैतिक खबरों पर पैनी नजर

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

× Promotion